बहुत सुन्दर ...
अब ये तमन्ना है-फासले शून्य हो जायें....tu hai so main hoon faslaa kahaan hai...
भावभीनी सुंदर अभिव्यक्ति
मैं बुनती हूँ सपनेसब तेरी ही आँखों के नूर से...हर रंग तेरे चेहरे कादिख जाता है मुझेभले देखूं कितनी ही दूर से...!!bht hi badhiya bhavmay karte shabd
बहुत कोमल भावनाओं से पिरोई कविता..
5 टिप्पणियाँ:
बहुत सुन्दर ...
अब ये तमन्ना है-
फासले शून्य हो जायें....tu hai so main hoon faslaa kahaan hai...
भावभीनी सुंदर अभिव्यक्ति
मैं बुनती हूँ सपने
सब तेरी ही आँखों के नूर से...
हर रंग तेरे चेहरे का
दिख जाता है मुझे
भले देखूं कितनी ही दूर से...!!
bht hi badhiya bhavmay karte shabd
बहुत कोमल भावनाओं से पिरोई कविता..
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