अनुशील

...एक अनुपम यात्रा

होना और खोना केवल शब्द हैं...!

कोई जगह 

खाली नहीं होती...


हमारे होने से 

कुछ भरता नहीं,
हमारे खो जाने से 

कुछ कहीं भी 

खाली नहीं होता... 


होना और खोना 

केवल शब्द हैं...!


नित परिवर्तित होते समय का 

अंश मात्र है हम...!!

2 टिप्पणियाँ:

Ashok Saluja 9 अप्रैल 2015 को 4:27 pm  

होना और खोना
केवल शब्द हैं ....तब
जब होगा हमारा चिरनिंद्रा में सोना ... जीते जी सार्थक हैं ...शुभकामनायें (ये मेरी सोच है )

Anita 10 अप्रैल 2015 को 10:57 am  

जो 'है' वह कभी खोता नहीं...जो खो रहा है वह कभी था ही नहीं...

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"कुछ बातें हैं तर्क से परे...
कुछ बातें अनूठी है!
आज कैसे
अनायास आ गयी
मेरे आँगन में...
अरे! एक युग बीता...
कविता तो मुझसे रूठी है!!"

इन्हीं रूठी कविताओं का अनायास प्रकट हो आना,
"
अनुशील...एक अनुपम यात्रा" को शुरुआत दे गया!

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