बहुत सुंदर ......
बहुत सुंदर
आत्मसंवाद तभी होता है जब अर्जुन गांडीव नीचे रख देता है … कृष्ण का रूप धर आत्मा दिशा निर्देशेित करती है जहाँ कोई तर्क नहीं, बस आगत को पाने का उपक्रम होता है
बहुत ही सुंदर रचना की प्रस्तुति।
सुन्दर और भावपूर्ण
5 टिप्पणियाँ:
बहुत सुंदर ......
बहुत सुंदर
आत्मसंवाद तभी होता है
जब अर्जुन गांडीव नीचे रख देता है …
कृष्ण का रूप धर आत्मा
दिशा निर्देशेित करती है
जहाँ कोई तर्क नहीं, बस आगत को पाने का उपक्रम होता है
बहुत ही सुंदर रचना की प्रस्तुति।
सुन्दर और भावपूर्ण
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