जी नमस्ते,आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (29 -06-2019) को "जग के झंझावातों में" (चर्चा अंक- 3381) पर भी होगी।--चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।आप भी सादर आमंत्रित है ….अनीता सैनी
दुःख मन को मांजता है..और साफ-सुथरा मन ही सुख को धारण कर सकता है..
बहुत बढ़िया
जिन्दगी और रिश्तों का मोह पल पल छलता है हमें . सुन्दर अभिव्यक्ति
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति गहराई समेटे संवेदनशील।
5 टिप्पणियाँ:
जी नमस्ते,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (29 -06-2019) को "जग के झंझावातों में" (चर्चा अंक- 3381) पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
आप भी सादर आमंत्रित है
….
अनीता सैनी
दुःख मन को मांजता है..और साफ-सुथरा मन ही सुख को धारण कर सकता है..
बहुत बढ़िया
जिन्दगी और रिश्तों का मोह पल पल छलता है हमें . सुन्दर अभिव्यक्ति
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति गहराई समेटे संवेदनशील।
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