आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (26-06-2019) को "करो पश्चिमी पथ का त्याग" (चर्चा अंक- 3378) पर भी होगी। -- सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। -- हार्दिक शुभकामनाओं के साथ। सादर...! डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
5 टिप्पणियाँ:
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (26-06-2019) को "करो पश्चिमी पथ का त्याग" (चर्चा अंक- 3378) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
वाह ! तारों से दोस्ती और अस्तित्त्व को साक्षी बना लेने की कला..इसे यदि कोई संघर्ष कहता है तो फिर आनंद किस चिड़िया का नाम है
वाह!लाजवाब!!
सभी गतिमान हैं .वाह .... पर्वत भी नदियों के रूप में
बहुत दिन बाद पढ़ा आपको या यूँ कहूँ साल ही हो गया ....पर एहसास वही है जो दिल को छू जाते हैं
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