प्रकृति अपनी विशालता में स्निग्ध किरणें लिए चलती है...उसके हृदय में हमारे लिए हर क्षण अपार करुणा पलती है... ... !!वाह ! बहुत सुंदर पंक्तियाँ..
बहुत खूब
हम सब प्रकृति के अंग हैं.
3 टिप्पणियाँ:
प्रकृति अपनी विशालता में स्निग्ध किरणें लिए चलती है...
उसके हृदय में हमारे लिए हर क्षण अपार करुणा पलती है... ... !!
वाह ! बहुत सुंदर पंक्तियाँ..
बहुत खूब
हम सब प्रकृति के अंग हैं.
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