बहुत सुन्दर प्रस्तुति...! -- आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज बृहस्पतिवार (17-10-2013) त्योहारों का मौसम ( चर्चा - 1401 ) में "मयंक का कोना" पर भी है! -- सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का उपयोग किसी पत्रिका में किया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। -- हार्दिक शुभकामनाओं के साथ। सादर...! डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
10 टिप्पणियाँ:
बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज बृहस्पतिवार (17-10-2013) त्योहारों का मौसम ( चर्चा - 1401 ) में "मयंक का कोना" पर भी है!
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का उपयोग किसी पत्रिका में किया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
काफी खज़ाना है मोतियों का आपकी डायरी में. अति सुन्दर.
अद्भुत मंजुल मोती ....!!
बहुत सुंदर रचना .....!!
पुरानी डायरी की पुरानी रचना...मगर अब भी ताज़ी और एहसासों से महकती हुई है....
सस्नेह
अनु
भले ही डायरी पुरानी हो पर उससे आने वाली यह खुशबू बहुत ही मनभावन है।
सादर
खूबसूरत मोती .... चमकदार
भावभीनी रचना ... दिल की गहराइयों का एहसास लिए ...
इसी तरह चमकने का सिलसिला जारी रहे..अनुपमा जी
परिवर्तन को लालायित है प्रकृति हमेशा।
बहुत ही खुबसूरत और प्यारी रचना..... भावो का सुन्दर समायोजन......
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