एक एहसास
जिसने
बांधे रखा है
जीवन को
उसकी
जय गानी है!
बीतते समय की
भीड़ में
दो चार पल
जो याद रहे
वही
असल जिंदगानी है!
जब तक साँसे हैं
तब तक लिखी जाएँगी
नए ढंग से
कही गयी हर बार
पर बात वही
पुरानी है!
जीवन में क्या पाना है
क्या कीर्तिमान
हासिल करने हैं?
साथ हो अपनों का
फिर सारी मंजिलें
बेमानी हैं!
वो भी निकल आएगा
जिसे कहते हैं रास्ता
सिंची जाएगी धरती
आसमान की आँखों में
अभी बहुत
पानी है!
सपनों के अम्बर पर
टिमटिमाते जो
अनगिनत तारे
अंधियारी रातों में वो
आशा की
निशानी हैं!
आज हैं
जाने कल क्या हो
निश्चित
कुछ नहीं यहाँ
दुनिया
आनी-जानी है!
बुझा दीप तो
जली फिर से ज्योत
मौत है
केवल एक अन्तराल
यह
जीवन की कहानी है!
यह जीवन की कहानी है!
प्रस्तुतकर्ता
अनुपमा पाठक
at
18 अक्टूबर 2011

47 टिप्पणियाँ:
बुझा दीप तो
जली फिर से ज्योत
बहुत खूबसूरत रचना. जीवन के सन्दर्भ ..
सपनों के अम्बर पर
टिमटिमाते जो
अनगिनत तारे
अंधियारी रातों में वो
आशा की
निशानी हैं!
kitni sachchi baat ... hausle badhte bhaw
bahut khoob.bahut badhia rachna.
wah.....kya baat hai.
aur yahi saty hai... umda rachna ..
बहुत ही सुन्दर कविता बधाई और शुभकामनाएं |
एक एहसास
जिसने
बांधे रखा है
जीवन को
उसकी
जय गानी है! बहुत खूब कही ये जीवन की कहानी है...
अनुपमा जी नमस्कार
लंबे अरसे बाद आप की वापसी पर बधाई। चुपचाप अपनी बात सहजता से कह जाती हैं आप की रचनाएँ।
भावपूर्ण और सकारात्मक रचना,बधाई!
बुझा दीप तो
जली फिर से ज्योत
मौत है
केवल एक अन्तराल
यह
जीवन की कहानी है!
सच तो यही है।
सादर
कल 20/10/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!
बहुत सुन्दर ....यही तो जीवन है ...पल पल से बनता ..और पल पल टूटता सा ....
सीधे-साधे साधारण शब्दों से सजी अपने एहसास महसूस कराती....
सीधी दिल में उतर गई ....जीवन की हर किसी की अनकही कहानी |
में इसे महसूस कर सकता हूँ ...बयाँ नही ! मुबारक हो !
साथ हो अपनों का
फिर सारी मंजिलें
बेमानी हैं!
ज़िंदगी को कहती अच्छी रचना
वो भी निकल आएगा
जिसे कहते हैं रास्ता
सिंची जाएगी धरती
आसमान की आँखों में
अभी बहुत
पानी है!
कितनी प्यारी बात कही है आपने चंद पंक्तियों में... आभार!
जब तक साँसे हैं
तब तक लिखी जाएँगी
नए ढंग से
कही गयी हर बार
पर बात वही
पुरानी है!
बहुत सुन्दर.
very nice !
आहा! कितने खूबसूरत अल्फाजों में हकीकत बयाँ कर दी आपने....
बहुत प्यारी रचना....
सादर बधाई स्वीकारें
बेहद खुबसूरत लिखा है.बधाई..
khoobasoorat rachanaa
वाह ...बहुत ही अच्छी रचना ।
bahut hi sundar rachana hai
बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
--
यहाँ पर ब्रॉडबैंड की कोई केबिल खराब हो गई है इसलिए नेट की स्पीड बहत स्लो है।
सुना है बैंगलौर से केबिल लेकर तकनीनिशियन आयेंगे तभी नेट सही चलेगा।
तब तक जितने ब्लॉग खुलेंगे उन पर तो धीरे-धीरे जाऊँगा ही!
सुन्दर अहसास कराती इस अनुपम प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत आभार अनुपमा जी.भावों की अभिव्यक्ति बहुत ही लाजबाब है.
मेरी नई पोस्ट पर आपका स्वागत है.
बुझा दीप तो
जली फिर से ज्योत
मौत है
केवल एक अन्तराल
यह
जीवन की कहानी है ....बहुत गहन अभिव्यक्ति, आभार
इन्हीं एहसासों,पलों,सांसों,सपनों और अनिश्चितताओं में जीवन का स्पंदन भी है!
बुझा दीप तो
जली फिर से ज्योत
मौत है
केवल एक अन्तराल
यह
जीवन की कहानी है!
....बहुत सच कहा है..गहन जीवन दर्शन दर्शाती बहुत सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति..
बहुत खूबसूरत रचना......
बहुत सुन्दर भाव लिए रचना |दीपावली के पर्व के लिए हार्दिक शुभ कामनाएं |
आशा
बहुत सुन्दर रचना.
आशा का संचार करती हुई.
भावपूर्ण कविता।
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं,
सही कहा आपने कि यह अंतराल ही जीवन की कहानी है.
बुझा दीप तो
जली फिर से ज्योत
मौत है
केवल एक अन्तराल
यह
जीवन की कहानी है!
...यही जीवन सत्य है..
सच जिसने जीवन को समझ लिया वही सही अर्थों में जीवन जी पाता है
..सुन्दर सत्य का बोध कराती रचना..
आपको सपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें
बहुत ही अच्छी रचना. आपको व आपके परिवार को दीपावली कि ढेरों शुभकामनायें
जीवन का सार ...बहुत सुंदर .. दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ
सुंदर भावाभिव्यक्ति.
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ.
bahut sundar rachna.... Happy Deepawali.
दीप पर्व की अनंत मंगलकामनाएं !
देवेपावाली की हार्दिक शुभ कामनाएं |
आशा
ये सोचे बिना
कि
कितना कारगर है वह
अन्धकार के विरुद्ध
निष्ठा से लड़ रहा है दीप
..........जल रहा है दीप "" - बहुत ही सुन्दर कविता ! आप को दिवाली के इस पावन पर्व पर
दिवाली की हार्दिक शुभ कामनाएं !
बहुत सुन्दर ....
आपको तथा आपके परिवार को दिवाली की शुभ कामनाएं!!!!!
सुन्दर प्रस्तुति
दिवाली, भाई दूज और नव वर्ष की शुभकामनायें
बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
दिवाली, भाई दूज और नव वर्ष की शुभकामनायें
सुन्दर विचार,सरल शब्द!वाह!
mai apke web page pe pehli baar aya hu. apki har rachna dil me sama rahi hai. bahut bhavpurn rachna. bhaiya dooj ke shubh avsar pe apko dher saari shubhkamnaye.
kabhi vakt mile to mere blog www.mknilu.blogspot pe jaroor aye...
member ban raha hu
बुझा दीप तो
जली फिर से ज्योत
मौत है
केवल एक अन्तराल
यह
जीवन की कहानी है!
सार्थक लेखन,सुन्दर !!
अहसास एक सरोवर है ...
जीवन बहता पानी है ...
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